आपकी हथेलियां बदलेंगी आपका मूड
एक नई प्रौद्योगिकी के जरिए हाथ के विभिन्न हिस्सों से आप में खुशी, दुख, रोमांच या डर के अहसास का संचार किया जा सकता है. वह भी बिना आपको छूए.
ससेक्स विश्वविद्यालय के सूचना विज्ञान विभाग की मारियाना ओब्रिस्ट के अनुसार, अंगूठे, तर्जनी और हथेली के बीच में बेहद थोड़े समय के लिए हवा के तेज धक्कों की मदद से किसी व्यक्ति में रोमांच का अहसास पैदा किया जा सकता है, जबकि धीमे एवं मध्यम दबाव वाले वायु के झोकों की मदद से किसी में दुख के भाव जगाए जा सकते हैं.
मारियाना एक उदाहरण देते हुए कहती हैं कि पत्नी अपने ऑफिस पहुंचकर बैठक में जाती है और इसी दौरान उसकी कलाई पर लगी ब्रेसलेट के जरिए उसकी हथेली के मध्य हिस्से में रोमांचकारी अहसास पैदा किया जा सकता है. इस अहसास से न सिर्फ उसे आराम मिलेगा बल्कि उसे यह भी अहसास होगा कि उसका पति उससे नाराज नहीं है.
परीक्षण के दौरान अल्ट्राहैप्टिक्स प्रणाली के जरिए यह अहसास पैदा किया गया. यह प्रणाली हवा के जरिए हथेली के विभिन्न हिस्सों में छूने से होने वाले अहसास को पैदा करती है.
विभिन्न अहसासों के लिए स्टिमुलेशन पैटर्न का प्रतिभागियों के तीन विभिन्न समूहों पर परीक्षण किया गया. शोधकर्ता के अनुसार, इस प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल एक-दूसरे से दूर रहने वालों के बीच संचार को और जीवंत बनाने के लिए किया जा सकता है.
ससेक्स विश्वविद्यालय के सूचना विज्ञान विभाग की मारियाना ओब्रिस्ट के अनुसार, अंगूठे, तर्जनी और हथेली के बीच में बेहद थोड़े समय के लिए हवा के तेज धक्कों की मदद से किसी व्यक्ति में रोमांच का अहसास पैदा किया जा सकता है, जबकि धीमे एवं मध्यम दबाव वाले वायु के झोकों की मदद से किसी में दुख के भाव जगाए जा सकते हैं.
मारियाना एक उदाहरण देते हुए कहती हैं कि पत्नी अपने ऑफिस पहुंचकर बैठक में जाती है और इसी दौरान उसकी कलाई पर लगी ब्रेसलेट के जरिए उसकी हथेली के मध्य हिस्से में रोमांचकारी अहसास पैदा किया जा सकता है. इस अहसास से न सिर्फ उसे आराम मिलेगा बल्कि उसे यह भी अहसास होगा कि उसका पति उससे नाराज नहीं है.
परीक्षण के दौरान अल्ट्राहैप्टिक्स प्रणाली के जरिए यह अहसास पैदा किया गया. यह प्रणाली हवा के जरिए हथेली के विभिन्न हिस्सों में छूने से होने वाले अहसास को पैदा करती है.
विभिन्न अहसासों के लिए स्टिमुलेशन पैटर्न का प्रतिभागियों के तीन विभिन्न समूहों पर परीक्षण किया गया. शोधकर्ता के अनुसार, इस प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल एक-दूसरे से दूर रहने वालों के बीच संचार को और जीवंत बनाने के लिए किया जा सकता है.

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